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कालसर्प दोष निवारण उज्जैन | शिप्रा तट राहु-केतु शांति पूजा | पं. लोकेन्द्र शर्मा ☎ 97524 22326
🐍 शिप्रा तट, उज्जैन — राहु-केतु शांति स्थल

कालसर्प दोष निवारण
पूजा उज्जैन

राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति हेतु उज्जैन के पावन शिप्रा तट पर विशेष शांति अनुष्ठान। पंडित लोकेन्द्र कृष्ण शर्मा — 24+ वर्षों का अनुभव।

⏱️ 3-4 घंटे की पूजा
📅 मुहूर्त अनुसार
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🐍 कालसर्प दोष क्या है?

जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सभी 7 मुख्य ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो इस विशेष स्थिति को कालसर्प दोष कहते हैं।

राहु को "काल" और केतु को "सर्प की पूंछ" माना गया है। इन दोनों के बीच ग्रह फँसने से जातक का भाग्य एक सीमा में बंध जाता है — चाहे वह कितनी भी मेहनत करे, पूर्ण फल नहीं मिलता।

यह दोष जातक के व्यापार, स्वास्थ्य, विवाह और पारिवारिक जीवन को गहराई से प्रभावित करता है।

💡 उज्जैन में विशेषता: शिप्रा नदी के तट पर राहु-केतु की पूजा अत्यंत फलदायी मानी गई है। यहाँ का पावन वातावरण इस दोष की शांति के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।

कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन शिप्रा तट

⚠️ कालसर्प दोष के लक्षण

यदि आपके जीवन में इनमें से कुछ लक्षण हों तो कुंडली जांच अवश्य करवाएं

💼बार-बार व्यापार में हानि या नौकरी में असफलता
😴रात में सांप के सपने बार-बार आना
💍विवाह में लगातार बाधाएं और देरी
🏥लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याएं
👨‍👩‍👧पारिवारिक कलह और घर में अशांति
😰अकारण भय, मानसिक तनाव और अनिद्रा
📉मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना
👶संतान प्राप्ति में विलंब या कठिनाई

अपनी कुंडली में कालसर्प दोष जांचें

जन्म तिथि, समय और स्थान बताएं — पंडित जी निशुल्क परामर्श देंगे।

📊 कालसर्प दोष के 12 प्रकार

राहु जिस भाव में हो उसके अनुसार दोष का नाम और प्रभाव निर्धारित होता है

दोष का नामराहु का भावमुख्य प्रभाव
अनंत कालसर्पप्रथम (लग्न)स्वभाव में अस्थिरता, आत्मविश्वास की कमी
कुलिक कालसर्पद्वितीय (धन)आर्थिक हानि, पारिवारिक विवाद
वासुकी कालसर्पतृतीय (भाई)भाई-बहन से कलह, साहस में कमी
शंखपाल कालसर्पचतुर्थ (सुख)घर में अशांति, माता से विवाद
पद्म कालसर्पपंचम (संतान)संतान में बाधा, शिक्षा में कठिनाई
महापद्म कालसर्पषष्ठ (शत्रु)शत्रु-बाधाएं, कर्ज की समस्या
तक्षक कालसर्पसप्तम (विवाह)वैवाहिक कलह, साझेदारी में नुकसान
कर्कोटक कालसर्पअष्टम (आयु)दुर्घटना का भय, गुप्त शत्रु
शंखचूड़ कालसर्पनवम (भाग्य)भाग्य का साथ न देना, धर्म-कर्म में बाधा
घातक कालसर्पदशम (कर्म)करियर में बाधाएं, मान-सम्मान की हानि
विषधर कालसर्पएकादश (लाभ)आय में रुकावट, मित्रों से धोखा
शेषनाग कालसर्पद्वादश (व्यय)अनावश्यक व्यय, विदेश में कष्ट

🕉️ पूजा विधि — शिप्रा तट उज्जैन

पूर्ण शास्त्रीय विधि — 3 चरणों में संपन्न

1

नाग पूजन

राहु-केतु के प्रतीक स्वरूप नाग की विशेष पूजा। दूध, पुष्प और विशेष सामग्री से अभिषेक किया जाता है।

2

राहु-केतु मंत्र जाप

108 बार शुद्ध राहु-केतु मंत्रों का उच्चारण। शिप्रा नदी के पावन तट पर विशेष स्थान पर।

3

हवन एवं विसर्जन

पूर्णाहुति हवन के बाद शिप्रा जल में विसर्जन। दोष पूर्णतः शांत होता है।

🐍 राहु शांति मंत्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

108 बार शनिवार को जाप करें — काले तिल और काले वस्त्र अर्पित करें

✨ पूजा के बाद मिलने वाले लाभ

💼

व्यापार में उन्नति

व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं, नए अवसर मिलते हैं और आर्थिक स्थिति सुधरती है।

💍

विवाह बाधा निवारण

वैवाहिक जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

🏥

स्वास्थ्य लाभ

लंबे समय से चली आ रही बीमारियों से मुक्ति और शारीरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

🧘

मानसिक शांति

भय, चिंता, बुरे सपने और अकारण तनाव से मुक्ति मिलती है।

👨‍👩‍👧

पारिवारिक सुख

घर में चल रही कलह समाप्त होती है और पारिवारिक संबंध मधुर बनते हैं।

भाग्य का उदय

रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं, भाग्य साथ देता है और जीवन में प्रगति होती है।

शिप्रा तट पर कालसर्प दोष पूजा बुक करें

पंडित लोकेन्द्र जी — 24+ वर्षों के अनुभव के साथ शास्त्रीय विधि से पूजा संपन्न करवाएं।

🙏 श्रद्धालुओं के अनुभव

★★★★★

कालसर्प दोष के कारण वर्षों से व्यापार में हानि हो रही थी। पंडित लोकेन्द्र जी की पूजा के बाद व्यापार में अच्छी प्रगति हो रही है।

सुरेश वर्माभोपाल, मध्यप्रदेश
★★★★★

बार-बार सांप के सपने आते थे। पंडित जी ने तक्षक कालसर्प दोष बताया — पूजा के बाद सब ठीक हो गया।

राजेश कुमारइंदौर, मध्यप्रदेश
★★★★★

5 साल से विवाह में बाधा आ रही थी। पंडित जी ने कालसर्प दोष का पता लगाया और पूजा के 3 महीने बाद विवाह हो गया।

प्रिया शर्माजयपुर, राजस्थान
★★★★★

पंडित जी बहुत ही विद्वान और सरल स्वभाव के हैं। पूजा पूर्ण विधि से हुई। नौकरी में पदोन्नति भी हुई।

अमित पाटीलपुणे, महाराष्ट्र

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कालसर्प दोष क्या होता है?
जब जन्म कुंडली में सभी 7 ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है। यह दोष व्यापार, स्वास्थ्य, विवाह और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करता है।
कालसर्प दोष की पूजा उज्जैन में कहाँ होती है?
कालसर्प दोष की पूजा उज्जैन में पावन शिप्रा नदी के तट पर संपन्न होती है। पंडित लोकेन्द्र कृष्ण शर्मा जी 24+ वर्षों से यहाँ यह अनुष्ठान करवा रहे हैं।
कालसर्प दोष के कितने प्रकार होते हैं?
कालसर्प दोष के 12 प्रकार होते हैं — अनंत, कुलिक, वासुकी, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर और शेषनाग। हर प्रकार का प्रभाव अलग होता है।
पूजा में कितना समय लगता है?
सामान्य कालसर्प दोष पूजा में 3-4 घंटे लगते हैं। नाग पूजन, मंत्र जाप, अभिषेक और हवन — सब मिलाकर।
क्या एक बार की पूजा से दोष दूर होता है?
हाँ, एक बार की विधिवत पूजा से कालसर्प दोष का शमन होता है। पंडित जी कुंडली देखकर व्यक्तिगत सलाह देंगे।
पूजा के लिए क्या लेकर आएं?
कुंडली की जानकारी (जन्म तिथि, समय, स्थान), साफ वस्त्र (सफेद या पीले)। पूजा सामग्री पंडित जी व्यवस्थित करेंगे।
पंडित लोकेन्द्र कृष्ण शर्मा उज्जैन

पंडित लोकेन्द्र कृष्ण शर्मा

उज्जैन के प्रसिद्ध वैदिक कर्मकांडी एवं ज्योतिषाचार्य। 24+ वर्षों से कालसर्प दोष, मंगल दोष और वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ। शिप्रा तट, उज्जैन में सेवारत।

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