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मंगल दोष पूजा उज्जैन | भात पूजा मंगल मंदिर (अंगारक) | पंडित लोकेन्द्र शर्मा ☎ 97524 22326
🙏 मंगल मंदिर (अंगारक), उज्जैन

मंगल दोष पूजा उज्जैन
भात पूजा — शास्त्रीय विधि

पंडित लोकेन्द्र कृष्ण शर्मा जी द्वारा मंगल मंदिर (अंगारक) में पूर्ण विधि-विधान से मांगलिक दोष निवारण। 24+ वर्षों का अनुभव।

मंगल दोष भात पूजा उज्जैन मंगल मंदिर (अंगारक)

मंगल दोष क्या है?

🔴 कुंडली में मंगल ग्रह का अशुभ प्रभाव

जब कुंडली में मंगल ग्रह पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो तो इसे मांगलिक दोष कहते हैं। यह वैवाहिक जीवन में बाधा, देरी और कलह का कारण बन सकता है।

उज्जैन का मंगल मंदिर (अंगारक) — जो मंगल ग्रह की जन्मभूमि माना जाता है — यहाँ की पूजा विशेष रूप से फलदायी होती है।

  • विवाह में अनावश्यक विलम्ब
  • वैवाहिक जीवन में कलह और असंतोष
  • जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव
  • करियर और व्यापार में बाधाएं
  • क्रोध और आवेग की प्रवृत्ति

मंगल दोष — सम्पूर्ण जानकारी

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कुंडली में मंगल ग्रह का प्रभाव, प्रकार और निवारण

🔴 मंगल दोष क्यों बनता है?

जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह निम्नलिखित भावों में स्थित हो तो मंगल दोष बनता है:

  • 1 प्रथम भाव — लग्न भाव (स्वयं का भाव)
  • 4 चतुर्थ भाव — सुख और घर का भाव
  • 7 सप्तम भाव — विवाह और जीवनसाथी का भाव
  • 8 अष्टम भाव — आयु और मृत्यु का भाव
  • 12 द्वादश भाव — व्यय और हानि का भाव

⚠️ मंगल दोष के प्रभाव

  • 💍 विवाह में अनावश्यक देरी और बाधाएं
  • 😤 पति-पत्नी के बीच कलह और मनमुटाव
  • 💔 वैवाहिक संबंध में तनाव और अलगाव
  • 🏥 जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव
  • 💼 करियर और व्यापार में रुकावटें
  • 😡 अत्यधिक क्रोध और आवेगशीलता
  • 🏠 पारिवारिक सुख में कमी

मंगल दोष के प्रकार

कुंडली में स्थिति के अनुसार मंगल दोष की तीव्रता अलग-अलग होती है

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अल्प मंगल दोष

जब मंगल लग्न या चतुर्थ भाव में हो। प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है। साधारण भात पूजा से निवारण संभव।

✅ एक बार की पूजा पर्याप्त

सर्वाधिक सामान्य
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मध्यम मंगल दोष

जब मंगल सप्तम या अष्टम भाव में हो। वैवाहिक जीवन पर सीधा प्रभाव। भात पूजा के साथ विशेष जाप।

⚡ तुरंत निवारण आवश्यक

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तीव्र मंगल दोष

जब मंगल द्वादश भाव में हो या अन्य पाप ग्रहों के साथ हो। गहन अनुष्ठान और विशेष उपाय आवश्यक।

🙏 पंडित जी से तुरंत मिलें

✅ कब मंगल दोष नहीं माना जाता?

कुछ विशेष परिस्थितियों में मंगल दोष स्वतः कमजोर हो जाता है

दोनों की मांगलिक कुंडली

यदि वर और वधू दोनों मांगलिक हों तो दोनों के मंगल दोष परस्पर निरस्त हो जाते हैं।

मंगल अपनी राशि में

मेष या वृश्चिक राशि में मंगल अपने घर में होता है — दोष की तीव्रता बहुत कम हो जाती है।

बृहस्पति की दृष्टि

यदि मंगल पर बृहस्पति की शुभ दृष्टि हो तो मंगल दोष का प्रभाव काफी कम हो जाता है।

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28 वर्ष के बाद

कुछ मतानुसार 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव कमजोर पड़ने लगता है।

⚠️ अपनी कुंडली की सटीक स्थिति जानने के लिए पंडित जी से परामर्श लें।

💬 निशुल्क कुंडली परामर्श

🛡️ मंगल दोष के उपाय

शास्त्रोक्त विधियों से मंगल दोष का शमन

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भात पूजा

मंगल मंदिर (अंगारक) में शास्त्रीय विधि से मंगल को भात अर्पण — सर्वश्रेष्ठ और सिद्ध उपाय।

⭐ सबसे प्रभावशाली

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अर्क / कुम्भ विवाह

विवाह से पहले वृक्ष या कलश से प्रतीकात्मक विवाह करके मांगलिक दोष का निवारण।

जानें →
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मंगल मंत्र जाप

प्रतिदिन "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" का 108 बार जाप करें।

घर पर भी कर सकते हैं।

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मूंगा रत्न धारण

पंडित जी की सलाह से सोने की अंगूठी में मूंगा (Coral) रत्न धारण करें।

कुंडली देखकर ही पहनें।

🐄

लाल वस्तुओं का दान

मंगलवार को लाल मसूर दाल, लाल कपड़ा, गुड़ का दान करें।

नियमित करने से लाभ होता है।

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हनुमान उपासना

हनुमान जी मंगल के प्रतिनिधि देव हैं। मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ से मंगल शांत होते हैं।

🏛️ उज्जैन — मंगल की जन्मभूमि

मंगल मंदिर (अंगारक) — विश्व का एकमात्र मंगल मंदिर

उज्जैन में स्थित मंगल मंदिर (अंगारक) मंगल ग्रह को समर्पित विश्व का सर्वप्रमुख और प्राचीनतम मंदिर है। पुराणों के अनुसार मंगल ग्रह का जन्म उज्जैन की पावन भूमि से ही हुआ था।

इसलिए यहाँ की गई मंगल दोष पूजा का फल अन्य स्थानों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। देश-विदेश से लाखों मांगलिक यहाँ दोष निवारण के लिए आते हैं।

प्राचीन हजारों वर्ष पुराना मंदिर
एकमात्र विश्व का मुख्य मंगल मंदिर
लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष
सिद्ध शास्त्रोक्त विधि से पूजा

📍 मंदिर की जानकारी

📍
पता

अंगारक मंदिर मार्ग, उज्जैन, उज्जैन, मध्यप्रदेश 456006

मंदिर समय

प्रातः 5:00 — रात्रि 10:00 बजे तक

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शुभ दिन

मंगलवार (विशेष फलदायी) — परंतु हर दिन पूजा होती है

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उज्जैन कैसे पहुँचें

उज्जैन रेलवे स्टेशन से 7 km • इंदौर हवाई अड्डे से 60 km

🙏 पंडित जी का सहयोग

पंडित लोकेन्द्र जी मंदिर में आने से लेकर पूजा संपन्न होने तक पूरी व्यवस्था करते हैं।

भात पूजा की विधि और लाभ

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मंगल मंदिर (अंगारक) में पंडित लोकेन्द्र जी द्वारा संपन्न विशेष अनुष्ठान

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भात अर्पण

मंगल ग्रह को शास्त्रीय विधि से चावल (भात) और लाल पुष्प अर्पित किए जाते हैं। यह सर्वाधिक प्रभावशाली विधि है।

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मंत्रोच्चार

108 बार मंगल मंत्र का शुद्ध उच्चारण किया जाता है जिससे ग्रह का अशुभ प्रभाव शांत होता है।

⏱️

समय — 2 घंटे

संपूर्ण अनुष्ठान लगभग 2 घंटे में पूर्ण होता है। विशेष जाप के साथ 3-4 घंटे लग सकते हैं।

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मंगलवार विशेष

मंगलवार को पूजा विशेष फलदायी होती है, परंतु अन्य दिनों में भी शुभ मुहूर्त पर पूजा संपन्न होती है।

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विवाह बाधा निवारण

नियमित पूजा से वैवाहिक बाधाएं दूर होती हैं और सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

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जीवन में शांति

क्रोध, अशांति और तनाव से मुक्ति मिलती है। पारिवारिक जीवन सुखमय बनता है।

पूजा बुकिंग कैसे करें?

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3 आसान चरणों में अपनी पूजा बुक करें

1

कॉल / WhatsApp

पंडित जी को +91 97524 22326 पर कॉल या WhatsApp करें। निशुल्क परामर्श प्राप्त करें।

2

मुहूर्त निर्धारण

कुंडली के अनुसार शुभ तिथि और मुहूर्त तय किया जाएगा। स्लॉट बुक करें।

3

उज्जैन आएं

मंगल मंदिर (अंगारक) में पंडित जी के साथ पूर्ण विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल दोष भात पूजा क्या है?
मंगल दोष भात पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है जो उज्जैन के मंगल मंदिर (अंगारक) में संपन्न होता है। इसमें मंगल ग्रह को भात (चावल), लाल पुष्प, और विशेष सामग्री अर्पित की जाती है।
मंगल दोष पूजा में कितना समय लगता है?
सामान्य भात पूजा में लगभग 2 घंटे लगते हैं। यदि महामृत्युंजय जाप या अन्य अनुष्ठान भी कराने हों, तो 3-4 घंटे लग सकते हैं।
मंगल दोष पूजा उज्जैन में ही क्यों करें?
उज्जैन को मंगल ग्रह की जन्मभूमि माना जाता है। यहाँ का मंगल मंदिर (अंगारक) विश्व का सर्वप्रमुख मंगल मंदिर है, इसलिए यहाँ की पूजा का फल कई गुना अधिक होता है।
पूजा के लिए क्या-क्या लाना होगा?
पंडित जी पूजा सामग्री की पूरी सूची पहले से बताएंगे। सामान्यतः लाल वस्त्र, लाल पुष्प, और कुंडली की जानकारी साथ रखें।
क्या एक बार की पूजा से मंगल दोष दूर होता है?
हाँ, एक बार की विधिवत भात पूजा से मंगल दोष का शमन होता है। परंतु पंडित जी कुंडली देखकर आपको व्यक्तिगत सलाह देंगे।

🪔 पूजा सामग्री सूची

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पंडित जी सभी सामग्री स्वयं व्यवस्थित करते हैं — आपको केवल उज्जैन आना है

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भात (चावल)

मंगल ग्रह को अर्पित किए जाने वाले शुद्ध चावल।

🌺

लाल पुष्प

मंगल देव को प्रिय लाल रंग के फूल — गुलाब, गेंदा।

🪔

घी दीपक

शुद्ध गाय के घी का दीपक — पूजा के दौरान जलाया जाता है।

🧡

लाल वस्त्र

मंगल यंत्र को ढकने हेतु लाल कपड़ा।

🍯

पंचामृत

दूध, दही, घी, शहद, शक्कर — अभिषेक हेतु।

📿

मूंगा / रुद्राक्ष

मंत्र जाप हेतु माला — पंडित जी द्वारा उपलब्ध।

🌿

दूर्वा घास

मंगल पूजन में विशेष रूप से उपयोग होती है।

🥥

नारियल

पूर्णाहुति हेतु श्रीफल — पूजा का अंतिम चरण।

💡 ध्यान दें: पंडित जी बुकिंग के समय पूरी सामग्री सूची और तैयारी की जानकारी दे देते हैं। आपको अलग से कुछ खोजना नहीं पड़ता।

💰 पूजा शुल्क जानकारी

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सटीक शुल्क हेतु पंडित जी से सीधे संपर्क करें — पूजा विधि के अनुसार निर्धारित होता है

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साधारण भात पूजा

⏱️ लगभग 2 घंटे

📞 शुल्क जानें: 97524 22326

⭐ सर्वाधिक बुक
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भात पूजा + महामृत्युंजय जाप

⏱️ 3-4 घंटे

📞 शुल्क जानें: 97524 22326

💬

ऑनलाइन परामर्श

📱 WhatsApp / कॉल

✅ निशुल्क प्रथम परामर्श

* पूजा सामग्री और यात्रा व्यय अलग से। बुकिंग से पहले पूरी जानकारी लें।

🙏 श्रद्धालुओं के अनुभव

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उन परिवारों की बातें जिनका मंगल दोष पंडित जी ने दूर किया

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★★★★★

पंडित जी ने हमारी बेटी की कुंडली में मंगल दोष का निवारण बड़े ही शास्त्रीय तरीके से किया। 6 महीने बाद विवाह बहुत अच्छे घर में हुआ। उज्जैन में मंगल मंदिर (अंगारक) में पूजा करवाना अद्भुत अनुभव था।

रमेश पाटीदारइंदौर, मध्यप्रदेश
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★★★★★

मेरे बेटे का मंगल दोष था और विवाह में 3 साल से देरी हो रही थी। पंडित लोकेन्द्र जी के मार्गदर्शन में भात पूजा करवाई — 4 महीने में रिश्ता तय हो गया। बहुत आभारी हैं।

सुमन देवीजबलपुर, मध्यप्रदेश
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★★★★★

पंडित जी बहुत विद्वान हैं। मंगल मंदिर (अंगारक) में विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। उन्होंने पूरी प्रक्रिया समझाई और बुकिंग से लेकर पूजा तक बहुत सहयोग किया।

अनिल जोशीनागपुर, महाराष्ट्र

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